Sunday, February 1, 2026

Budget 2026

बजट 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
केंद्रीय बजट 2026

बजट 2026: आम जनता को क्या राहत मिली और क्या हुआ महंगा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण | वित्त वर्ष 2026-27

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर दिया है। इस बार बजट में मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और स्वास्थ्य सेक्टर को राहत दी गई है, जबकि शेयर बाजार से जुड़े कुछ लेन-देन पहले से महंगे हो गए हैं।

इलाज से जुड़ी राहत

सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 आवश्यक दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी है। इससे इन दवाओं की कीमतों में कमी आने की संभावना है।

इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आने वाली आयातित दवाओं और स्पेशल फूड को भी टैक्स से मुक्त कर दिया गया है।

⚡ इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी

ईवी, सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी से जुड़े कई उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है।

  • लिथियम-आयन बैटरी इनपुट्स पर टैक्स में छूट
  • सोलर पैनल के लिए सोलर ग्लास कच्चे माल पर ड्यूटी खत्म

इससे उत्पादन लागत कम हो सकती है, हालांकि अंतिम कीमतों पर असर कंपनियों की नीति पर निर्भर करेगा।

✈️ विदेश यात्रा और पढ़ाई

निजी उपयोग के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।

  • विदेशी टूर पैकेज पर TCS अब केवल 2%
  • विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे गए पैसों पर TCS में कटौती

📉 शेयर बाजार में क्या बदला?

फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी होगी।

  • फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT बढ़ा
  • ऑप्शन प्रीमियम और एक्सरसाइज पर टैक्स ज्यादा

❌ कौन-सी चीजें महंगी होंगी?

  • शराब और स्क्रैप
  • खनिज और तेंदूपत्ता
  • कुछ केमिकल और उपभोक्ता उत्पाद

✅ क्या सस्ता होने की उम्मीद?

  • कैंसर और शुगर की दवाएं
  • इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरियां
  • सोलर और ग्रीन एनर्जी उत्पाद
  • विदेश यात्रा और शिक्षा

Friday, August 25, 2023

बैंकों से पैसे निकालने की नई लिमिट तय, RBI गर्वनर ने दी जानकारी

 Banking Rules : हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने देश के तीन सहकारी बैंकों पर पैसे निकालने की लिमिट लगा दी है.अब खाताधारक इस लिमिट से ऊपर रकम नहीं निकाल पाएंगे चलिए जानते हैं खबर को विस्तार से.....

Agro Haryana, New Delhi : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के तीन सहकारी बैंकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है. रिजर्व बैंक ने तीन सहकारी बैंकों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उन पर धन निकासी (Withdrawal Limit) सहित कई प्रतिबंध लगाए हैं.

रिजर्व बैंक ने कहा कि तीनों बैंकों पर की गई कार्रवाई को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. हालांकि

 रिजर्व बैंक ने इन बैंकों से पैसों की निकासी को लेकर लिमिट तय कर दिए हैं. अगर आपका भी इनमें से किसी भी बैंक में खाता है, तो आप भी रिजर्व बैंक द्वारा तय निकासी रकम से अधिक नहीं निकाल पाएंगे.

पैसे निकालने की लिमिट

केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा कि जयप्रकाश नारायण नगरी सहकारी बैंक (Jaiprakash Narayan Nagari Sahakari Bank) बासमतनगर पर प्रतिबंध लगने के चलते जमाकर्ता अपने खातों से राशि नहीं निकाल पाएंगे!

इसके अलावा द करमाला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (The Karmala Urban Co-operative Bank) सोलापुर में जिनका अकाउंट है, वो अपने खातों से केवल 10,000 रुपये ही निकाल सकते हैं.

छह महीने तक लागू रहेंगे प्रतिबंध

आरबीआई ने दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक, विजयवाड़ा पर भी प्रतिबंध लगाया है. इसके ग्राहक अपनी जमा राशि से 1.5 लाख रुपये तक की निकासी कर सकते हैं. बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत तीन बैंकों पर लगाए गए प्रतिबंध छह महीने तक लागू रहेंगे. हालांकि, इनकी समीक्षा की जा सकती है.

बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार को जारी रखेंगे. रिजर्व बैंक छह महीने बीत जाने के बाद तय करेगा कि पाबंदियों को हटाया या नरम किया जाना चाहिए अथवा नहीं.

इन दो बैंको पर भी लग चुका है प्रतिबंध 

बैंकिंग नियमों (Banking Rules) का सही से पालन नहीं करने के कारण RBI अक्सर बैंकों के ऊपर कार्रवाई करते रहता है. पिछले दिनों आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक (Lucknow Urban Co-operative Bank) और अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सीतापुर (Urban Co-operative Bank Limited, Sitapur) पर प्रतिबंध लगाए हैं.

इन दोनों बैंकों की भी वित्तीय स्थिति खराब है. इस वजह से केंद्रीय बैंक ने इनपर प्रतिबंध लगाए हैं. इन बैंकों के ग्राहकों पर भी खाते से पैसे निकालने पर लिमिट लगाई है.

Thursday, August 24, 2023

7th Pay Commission 4% DA Hike: कर्मचारियों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी, DA में 4 फीसदी की बढ़ोतरी

 

7th Pay Commission 4% DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की ओर से बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है सरकार जल्द ही 4 परसेंट तक का महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर सकती है अभी फिलहाल 42 के आधार पर दी है जो कि 4 परसेंट की बढ़ोतरी के बाद 46 परसेंट हो जाएगी। काफी लंबे समय से केंद्रीय कर्मचारी संघ की ओर से भी सरकार से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी मगर सरकारी इस पर कोई भी संज्ञान नहीं ले रहा था मगर ऐसा

Tuesday, August 22, 2023

RBI का बड़ा तोहफा

 



करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए RBI का बड़ा तोहफा, EMI वालों के लिए आया नया नियम
RBI द्वारा जारी किया गया नया नियम देगा लाभ, दे रहा है पेनल्टी से राहत!


आरबीआई के नये नियमों से ईएमआई चुकाने वालों को मिलेगी सुविधा

"इंदिरा गांधी मुफ्त स्मार्टफोन योजना"

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राजस्थान मुख्यमंत्री डिजिटल सेवा योजना के अंतर्गत मुफ्त स्मार्टफोन प्राप्त कर सकेंगी। इस योजना के माध्यम से स्मार्टफोन की आवश्यकता रखने वाली महिलाओं को निशुल्क मोबाइल फोन प्रदान किए जा रहे हैं ताकि वे ऑनलाइन संवाद, जानकारी और रोज़गार सम्बंधित सुविधाओं का उपयोग कर सकें। यह योजना राजस्थान सरकार के द्वारा प्रमोट की जा रही है ताकि महिलाएं और उनके परिवारों के लिए डिजिटल सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिल सके।

यह योजना महिलाओं के साथ-साथ उनके परिवारों को भी डिजिटल स्थिति में लाने का एक प्रयास है। फ्री स्मार्टफोन के साथ में 3 साल तक फ्री इंटरनेट भी प्रदान किया जाएगा, जिससे महिलाएं और उनके परिवार सबसे नवीनतम जानकारी और समाचार से अपडेट रह सकेंगे।

इस योजना के अंतर्गत पहले चरण में 40 लाख महिलाओं को मुफ्त स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं, जिनमें से शिक्षा में जुटी हुई छात्राएं, सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राएं, विधवा और एकल महिलाएं, और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी तहत 100 दिन और 50 दिन काम करने वाली महिलाएं शामिल हैं।

दूसरे चरण में एकल नारी, पेंशन पाने वाली महिलाएं, और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी तहत 100 दिन और 50 दिन काम करने वाली महिलाएं शामिल होंगी। इस प्रकार, यह योजना राजस्थान सरकार के उद्देश्यों में से एक है जो महिलाओं को डिजिटल जगत में जोड़ने और उन्हें विभिन्न सुविधाओं से लाभान्वित करने का प्रयास कर रहा है।

राजस्थान फ्री मोबाइल योजना के लिए जरूरी दस्तावेज फ्री मोबाइल फ़ोन योजना के लिए जरूरी दस्तावेज की सूची नीचे दी गयी है :- आधार कार्ड जन आधार कार्ड राशन कार्ड SSO ID Mobile Number चिरंजीवी कार्ड यह भी देंखे >>>

5. यह प्रक्रिया पूरी होते ही लाभार्थी के ई-वॉलेट में 6800 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। 

NPS वालों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगी ये शानदार सुविधा

 भारतीय पेंशन प्रणाली (National Pension System, NPS) के सदस्यों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने हाल ही में एक नई और सुधारी हुई वेबसाइट का शुभारंभ किया है, जिसका मकसद सदस्यों को पेंशन प्रणाली से जुड़ी जानकारियां और सुविधाएं बिना किसी बाधा के पहुंचाना है। यह वेबसाइट राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के सदस्यों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।


पेंशन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के मकसद से पीएफआरडीए (PFRDA) ने इस नई वेबसाइट में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसके माध्यम से सदस्य बिना किसी जटिलता के अपने पेंशन खाते की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उन्हें अपने निवेश की दिशा में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।


नई वेबसाइट के माध्यम से एनपीएस और अटल पेंशन योजना के सदस्यों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इन सुविधाओं में जानकारी और लाभ, ऑनलाइन सेवाएं, रिटर्न और चार्ट, एनपीएस कैलकुलेटर और शिकायतों का समाधान शामिल हैं। इसके अलावा, सदस्य अपनी पीआरएएन, जन्मतिथि और ओटीपी के माध्यम से अपने एनपीएस खाते की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

document.write(''); एक और महत्वपूर्ण सुविधा वेबसाइट पर दी गई है, वो है पेंशन कैलकुलेटर। इस कैलकुलेटर की मदद से सदस्य सेवानिवृत्ति पर अपेक्षित पेंशन और एकमुश्त राशि की आसानी से गणना कर सकते हैं। इसके साथ ही, वे यह भी जान सकते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद कितना निवेश करने पर कितनी पेंशन प्राप्त हो सकती है। इसमें विभिन्न आयु और निवेश की मात्राओं का विचार किया गया है, जिससे सदस्य अपनी आवश्यकतानुसार योजना तय कर सकते हैं

अटल पेंशन योजना के तहत सदस्यों को विशेष छूट मिलती है, जिसके अंतर्गत 60 साल की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद 60% रकम एकमुश्त निकाल सकते हैं और बाकी 40% रकम को पेंशन प्लान में निवेश कर सकते हैं, जिससे उन्हें बाद में नियमित पेंशन मिल सके।

Monday, August 21, 2023

1992 में सोफिया कॉलेज मामला: शिक्षा में न्याय की ओर एक कदम

परिचय: 1992 का सोफिया कॉलेज मामला भारतीय समाज में शिक्षा के क्षेत्र में न्याय की महत्वपूर्ण मिसालों में से एक है।

 यह मामला उनकी महिलाओं के अधिकारों की प्रतिष्ठा और समानता की महत्वपूर्ण बातों को उजागर करता है, जो समाज में बदलाव लाने के लिए आवश्यक हैं। 

 मामले का प्रसंग: 1992 में सोफिया कॉलेज का मामला एक महिला छात्रा के प्रवेश के संदर्भ में उठा।

 इस मामले में सोफिया कॉलेज, मुंबई, ने एक छात्रा के प्रवेश को नकार दिया क्योंकि वह एक धर्मनिरपेक्ष विशेष विद्यालय था और छात्रा ने उनके नियमों के अनुसार धर्म परिवर्तन नहीं किया था।

 मुद्दे का प्रकटीकरण: इस मामले में मुख्य मुद्दा धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों का प्रश्न उठाने का था। छात्रा ने उच्चतम न्यायालय में मुकदमा दायर किया, जहाँ उन्होंने यह दावा किया कि उनका प्रवेश नकारना धार्मिक भेदभाव की अति विचारशील रूप से उचित नहीं है। 

 न्याय का फैसला: उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में छात्रा के पक्ष में फैसला किया और उनकी आपत्तियों को मान्यता दी। 

उन्होंने यह स्थापित किया कि छात्रा के प्रवेश को नकारना धार्मिक भेदभाव का प्रतीक हो सकता है और यह महिला छात्राओं के अधिकारों के खिलाफ है। 

 प्रभाव: इस फैसले का प्रभाव व्यापारिक और शिक्षा संस्थानों में भी दिखाई दिया, जहाँ धार्मिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष बढ़ गया और समाज में समानता की ओर एक कदम बढ़ा। 

 निष्कर्ष: सोफिया कॉलेज का मामला 1992 में एक महत्वपूर्ण यात्रा था, जिसने महिलाओं के अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को उजागर किया।

यह मामला एक महत्वपूर्ण प्रस्तावना प्रस्तुत करता है कि शिक्षा के क्षेत्र में भी समानता और न्याय का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Budget 2026

बजट 2026: क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? केंद्रीय बजट 2026 बजट 2026: आम जनता को क्या राहत मिली और क्या हुआ महंगा? वित्त म...